शेर : ३

शेर : ३
डॉ. कृष्ण एन. शर्मा / Dr. Krishna N. Sharma

ये खूबसूरत लोग, जो कसते हैं मुझपर फब्तियां, मेरे आशिक़ाना मिजाज़ के पीछे इन्ही का हाथ है।
जिस रोज इनको छोड़ दें तरसेंगे ये तारीफ़ को, ये तो दिल बड़ा है अपना वरना इनकी क्या औकात है।।
(कुछ ज्यादा ख़तरनाक हो गया नहीं!) ;)