Poem by Dr. Piyush Jain on IAP Elections

IAP* Elections Special

दिल्ली से बंगलोर तक, हैदराबाद से मैंगलोर तक, 
सब लगे हैं बनाने में, जनता को भरमाने में,
नाम-दाम का खेल है, बड़ी-बड़ी हस्तियों का मेल है, 
फिजियो फिर से नेता बनेगा, फिरसे सपनों का जाल बुनेगा,
न कौंसिल न नौकरी का इनको ख्याल है, बस सारा पैसों का सवाल है, 
अब हमारा एक ही नारा है, IAP 1 और IAP 2 थे पर अब नंबर हमारा है.
---

* Indian Association of Physiotherapists